
हरिद्वार। एसएमजेएन पीजी कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए समर्थ पोर्टल के माध्यम से बीएससी, बीकॉम एवं बीए प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया विधिवत प्रारंभ हो गई है। प्रवेश प्रारंभ होते ही महाविद्यालय परिसर में प्रवेशार्थियों एवं अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिल रही है। विभिन्न संकायों में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं सकारात्मक वातावरण दिखाई दे रहा है। दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी महाविद्यालय पहुँचकर प्रवेश प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।
महाविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः व्यवस्थित, पारदर्शी एवं विद्यार्थी हितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं। प्रवेश काउंटरों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती के साथ-साथ आवश्यक दिशा-निर्देश, सूचना पट्ट एवं सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विद्यार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं यूथ रेडक्रॉस इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर में विशेष हेल्प डेस्क संचालित की जा रही है। हेल्प डेस्क पर तैनात स्वयंसेवक प्रवेश हेतु आने वाले विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रवेश प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी, आवेदन पत्र भरने, दस्तावेज सत्यापन तथा विभिन्न विभागों तक पहुँचने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। स्वयंसेवकों द्वारा निरंतर मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराए जाने से प्रवेश प्रक्रिया अत्यंत सुगमता एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सभी विभागों के प्राध्यापक एवं कार्यालय कर्मचारी भी पूर्ण सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। प्रवेश से संबंधित प्रत्येक समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों का समय बच सके और वे बिना किसी परेशानी के प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर सकें। प्राचार्य ने इस अवसर पर सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण सुविधाओं, अनुभवी प्राध्यापकों तथा विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ महाविद्यालय पहुँचने का आग्रह किया।
इस अवसर पर प्रवेश समन्वयक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय माहेश्वरी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान प्रवेश सत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएँगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना एवं यूथ रेडक्रॉस के स्वयंसेवकों द्वारा संचालित हेल्प डेस्क विद्यार्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं तनावमुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसकी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा मुक्त कंठ से सराहना की जा रही है।
प्रो. बत्रा ने बताया कि बीकॉम में सामान्य जाति की कट ऑफ मेरिट 76 प्रतिशत हैं जिसके अंतर्गत मेरिट में आने वाले छात्र छात्राओं को प्रवेश 08 जुलाई 2026 को दिया जायेगा जबकि बीकॉम में ओबीसी की कट ऑफ मेरिट 65 प्रतिशत तथा एससी की कट ऑफ मेरिट 60 प्रतिशत हैं जिसके अंतर्गत मेरिट में आने वाले छात्र-छात्राओं को दिनांक 09 जुलाई को प्रवेश दिए जायेंगे।
प्रो. बत्रा ने बताया कि बीए में सामान्य जाति की कट ऑफ 63.6 प्रतिशत हैं जिसके अंतर्गत मेरिट में आने वाले छात्र छात्राओं को प्रवेश 08 जुलाई 2026 को दिया जायेगा जबकि बीए में ओबीसी की कट ऑफ मेरिट 51 प्रतिशत तथा एससी की कट ऑफ मेरिट 43.6 प्रतिशत हैं जिसके अंतर्गत मेरिट में आने वाले छात्र-छात्राओं को दिनांक 09 जुलाई को प्रवेश दिए जायेंगे।
वाणिज्य संकाय में प्रवेश समिति में मनमोहन गुप्ता, रिंकल गोयल, रिचा मिनोचा, गीता शाह एवं नवीन कुमार सम्मिलित रहे। कला संकाय में जगदीश चन्द्र आर्य (संयोजक), लता शर्मा, मोना शर्मा, मिनाक्षी शर्मा, संजीत कुमार जबकि विज्ञान संकाय में विनीत सक्सेना (प्रभारी एवं संयोजक), पूर्णिमा सुन्दरियाल, यादविंदर सिंह तथा प्रिंस श्रोत्रिय उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिसर में अनुशासन व्यवस्था हेतु शिवकुमार चौहान, मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, विजय शर्मा एवं पल्लवी का योगदान रहा। प्रवेश सम्बन्धी किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय से संपर्क किया जा सकता हैं।
