
हरिद्वार। सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में संविदा श्रमिकों के वेतन बढ़ोतरी को लेकर पिछले दिनों बनी भ्रम की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य हो गई है। सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार ने बताया कि वर्तमान में सिडकुल क्षेत्र में सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और कहीं भी धरना-प्रदर्शन की स्थिति नहीं है।
उन्होंने बताया कि जनपद हरिद्वार के करीब 25 औद्योगिक प्रतिष्ठानों में संविदा श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर श्रम विभाग को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए थे।
उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्त की ओर से श्रमिकों एवं प्रबंधन पक्ष के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में लगातार वार्ता कराई गई, जिसके बाद सभी विवादों का सफलतापूर्वक समाधान निकाल लिया गया। श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की जानकारी विस्तार से दी गई, जिससे वेतन बढ़ोतरी को लेकर फैली अफवाहें और भ्रम दूर हो सके।
प्रशांत कुमार ने कहा कि नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों में महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी और इंजीनियरिंग उद्योगों में 1 अप्रैल 2026 से लागू पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन के संबंध में श्रमिकों को लगातार जागरूक किया गया। इसके लिए प्रेस नोट और वीडियो फुटेज भी जारी किए गए।
उन्होंने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी को वेतन या श्रम संबंधी कोई समस्या होती है तो वह सीधे श्रम विभाग के संज्ञान में मामला लाए, ताकि समय पर उसका समाधान किया जा सके।
श्रम विभाग के अनुसार वर्तमान में सिडकुल क्षेत्र में औद्योगिक शांति कायम है और सभी प्रतिष्ठानों में उत्पादन प्रक्रिया सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
