
हरिद्वार। बसंत पंचमी के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में बड़े स्तर पर पतंगबाजी की परंपरा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे के बढ़ते प्रयोग ने गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। चाइनीज मांझे से न केवल आमजन को जान का खतरा बना रहता है, बल्कि पक्षियों की सुरक्षा पर भी संकट मंडराता है।
इन्हीं खतरों को देखते हुए सामाजिक संगठन “युवा- अग्नि” की ओर से चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा इसके विक्रेताओं और प्रयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नगर मजिस्ट्रेट, हरिद्वार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन संगठन के अध्यक्ष ऋषभ वशिष्ठ एवं संरक्षक सोम त्यागी के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि बसंत पंचमी के अवसर पर कुंभ नगरी हरिद्वार में बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है, जिसमें चाइनीज मांझे का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। विगत वर्षों में इस खतरनाक मांझे के कारण कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। साथ ही, आसमान में उड़ने वाले पक्षियों के लिए भी यह जानलेवा साबित हो रहा है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि चाइनीज मांझे के भंडारण और उपयोग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, अवैध स्टॉक को जब्त किया जाए तथा विक्रेताओं और प्रयोगकर्ताओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि जनहानि रोकी जा सके और पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष ऋषभ वशिष्ठ, संरक्षक सोम त्यागी, मनोज सैनी, ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा, अखिल शर्मा त्यागी, आशु भारद्वाज, मोहित शर्मा, अनंत पांडेय, उदय विद्याकुल, उज्जवल वालिया, यश शर्मा, शिवम, अरुण जी, पवन गुप्ता, शुभम रावत, जावेद आलम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
