हरिद्वार। ग्राम बहादुरपुर जट में चल रही ऐतिहासिक रामलीला में देर रात रावण-अंगद संवाद का भव्य दृश्य दिखाया गया, जिसने उपस्थित हजारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
रामलीला के डायरेक्टर धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि समुद्र पर पुल का निर्माण पूर्ण होने के बाद भगवान रामचंद्र ने लंका पर आक्रमण करने की तैयारी कर ली। इसी समय लंका से रावण के अनुज विभीषण भगवान राम के शिविर में मिलने आते हैं। विभीषण बताते हैं कि उन्होंने अपने बड़े भाई रावण को बहुत समझाया कि माता सीता को सम्मान के साथ लौटा दें और युद्ध टाल दें, परंतु अहंकार में डूबे रावण ने उनकी एक न सुनी और उन्हें लंका से निकाल दिया। इस पर करुणानिधान भगवान राम ने विभीषण को लंका विजय के बाद लंका का राजा बनाने की प्रतिज्ञा की और उन्हें शरण में ले लिया।
लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान राम ने सभी के परामर्श से एक बार पुनः संधि का प्रयास करने का निर्णय लिया। इसके लिए दूत के रूप में वीर अंगद को रावण के दरबार में भेजा गया।
अंगद रावण के दरबार में निर्भय होकर पहुंचते हैं और रावण को युद्ध से होने वाली अपार हानि के बारे में समझाते हैं। वे रावण से कहते हैं कि अभिमान छोड़कर श्रीराम से क्षमा मांग लें और जानकी जी को लौटा दें, इसी में सबकी भलाई है। परंतु रावण अपने अहंकार और घमंड में इतना चूर था कि उसने अंगद की हर बात को हंसी में उड़ा दिया और कहा कि वन में भटकने वाले राम में उससे युद्ध करने की कोई शक्ति नहीं है।
तब वीर अंगद ने अपना बल दिखाने के लिए अपना पैर धरती पर जमा दिया और ललकारते हुए कहा कि यदि दरबार में बैठा कोई भी बलशाली योद्धा इस पैर को धरती से हिला देगा तो श्रीराम अपनी हार स्वीकार कर लंका से वापस चले जाएंगे। रावण के एक-एक करके सभी महाबली योद्धा आए, पूरी शक्ति लगाई, परंतु कोई भी अंगद के पैर को धरती से टस से मस नहीं कर पाया। अंत में जब रावण स्वयं उठा तो अंगद ने अपना पैर पीछे खींच लिया और कहा कि यदि पैर ही पकड़ना है तो जाकर मेरे स्वामी श्रीराम के चरण पकड़, तभी तेरा कल्याण होगा। इस दृश्य पर पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला में पथरी थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने क्षेत्रवासियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी उन्होंने बताया कि आज नशे की लत से युवा अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराब, स्मैक और सूखे नशे हमारे जीवन और पैसा दोनों बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं जिन्हें रोकने के लिए हमें जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लॉटरी लगने के माध्यम से और अतिरिक्त पैसे के लालच में हम अपने फोन द्वारा ओटीपी और दूसरी चीज शेयर कर देते हैं जिससे हमारे बैंक खाता खाली हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार के ओटीपी देने से पहले उसकी जानकारी लेनी चाहिए रामलीला कमेटी के प्रधान धीर सिंह, डायरेक्टर धर्मेंद्र चौहान, जिला पंचायत सदस्य सोनवीर पाल, जीवेंद तोमर, रेणु चौधरी, शिवा चौधरी, राकेश कुक्कू, कृष्ण पाल चौधरी, अजमेर कश्यप, अमन कश्यप, प्रदीप पाल, जोगेन्द्र कश्यप ने थानाध्यक्ष का धन्यवाद किया।

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