हरिद्वार/ एडमिन

हरिद्वार। जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत ने कलक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रतिभाग किया।
बैठक में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अधिकारियों ने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों-मंगलौर, रूड़की, बहादराबाद, भगवानपुर में सड़क दुर्घटनाओं के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर नेशनल हाईवे को क्षतिग्रस्त कर कट बना दिये जाते हैं, जिसकी वजह से भी लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्थलों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित किये जायें तथा जो इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित करके, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किस सड़क पर कितनी गति सीमा में वाहन चलाने हैं, के सम्बन्ध में, हल्के व भारी वाहनों के अनुसार गति सीमा निर्धारित करते हुये, 15 दिन के भीतर गति सीमा निर्धारण का बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त जहां पर आबादी वाले क्षेत्र हैं, वहां पर भी “आबादी वाला क्षेत्र हैं, कृपया गति नियंत्रित रखें”, के भी बोर्ड लगवाये जायें। इसके अतिरिक्त जहां-जहां ट्रैफिक लाइट लगी हैं, वहां-वहां पर जेब्रा क्रासिंग बनाना सुनिश्चित करें।
बैठक में रूड़की के शेरपुर वाली रोड, जिस पर वाहनों का भारी दबाव रहता है, के सम्बन्ध में भी चर्चा हुई। इस पर जिलाधिकारी ने रोड सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिये।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.एल. शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की अंशुल सिंह, एसपी यातायात मनोज कत्याल, एमएनए दयानन्द सरस्वती, एसडीएम पूरण सिंह राणा, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह, एसडीएम भगवानपुर बृजेश कुमार तिवारी, एएसडीएम विजयनाथ शुक्ल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कुमार खगेन्द्र, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण सुरेश तोमर, सीओ ट्रैफिक राकेश रावत, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी श्रीमती रश्मि पन्त, आपदा प्रबन्धन अधिकारी सुश्री मीरा कैन्तुरा, एनएचएआई से अजय प्रताप, एनआईएसीएल से नीतिका तलवार, एनएचएआई से अभिषेक कुमार, अमित कुमार, अशोक मिश्रा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।