
हरिद्वार / ज्वालापुर। हरिद्वार पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे ज्वालापुर में रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में महिला को शरण देने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है।
एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान कोतवाली ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद इंस्टीट्यूट के पास छापेमारी कर संदिग्ध महिला को पकड़ा। पूछताछ में महिला ने अपना नाम स्वीटी बताया था, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम सहेला बेगम, निवासी कुमिल्ला, बांग्लादेश होना स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार, महिला वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए श्यामदास के कहने पर भारत आई थी। 90 दिन की वैध अवधि समाप्त होने के बाद वह अवैध रूप से दिल्ली और बाद में हरिद्वार में रहने लगी। इस दौरान आरोपी ने श्यामदास की मदद से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवा लिए।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने महिला के कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड भी बरामद किए हैं। इसके अलावा भारतीय मूल के कई संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में सहेला बेगम और श्यामदास के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसएसपी नवनीत सिंह ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी, उप निरीक्षक अंशुल अग्रवाल (प्रभारी चौकी बाजार), महिला उप निरीक्षक सोनल रावत, कांस्टेबल मनोज डोभाल, कांस्टेबल देवेंद्र कुमार और एलआईयू से उप निरीक्षक सुरेश शाह, हेड कांस्टेबल मंशा राम की सराहना करते हुए अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
