
हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरिद्वार नगर के तीनों उप नगरों में एक साथ वर्ष प्रतिपदा नववर्ष उत्सव व पथ संचलन आयोजित हुआ। उत्तरी उप नगर का ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविघालय, मध्य हरिद्वार की ओर से एसएमजेएन कॉलेज तथा दक्षिण उपनगर ने आर्यनगर चौक पर वर्ष प्रतिपदा का कार्यक्रम आयोजित किया। सभी तीनों स्थानों से एक साथ प्रारम्भ पथ चंद्राचार्य चौक पर एक रचना में आकर मिला तथा आगे चल कर तीनों अपने अपने तय स्थान से घूमकर अपने गंतव्यों तक वापस पहुंचे। पथ संचलन पर जगह जगह पुष्पवर्षा भी हुई।
दक्षिण उपनगर के कार्यक्रम में पशिचम उत्तर क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य ईश्वर दयाल ने संघ के 100 वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. हेडगेवार ने अपने कुछ साथियों के साथ हिंदू समाज का संगठन करने के लिए जिस संगठन की स्थापना की वह आज वट वृक्ष बनकर देश ही नहीं पूरे विश्व में हिंदुओं को एकजुट कर रहा है, उन्होंने कहा कि वर्ष प्रतिपदा सनातन परंपरा विश्व की सबसे प्राचीनतम परंपराओं में से है सृष्टि की रचना वर्ष प्रतिपदा से प्रारंभ हुई, मां भगवती शक्ति की उपासना के पर्व से ही विक्रम संवत प्रारंभ होता है। उन्होंने कहा कि हिंदू नव वर्ष कई महीनो में महत्वपूर्ण है प्राकृतिक परिवर्तन भी नव वर्ष से ही प्रारंभ होता है।
मध्य हरिद्वार के वर्ष प्रतिपदा उत्सव कार्यक्रम में हरिद्वार विभाग सम्पर्क प्रमुख कुंवर रोहिताश ने समाज को जागृत करने और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश के निर्माण में महान विभूतियों के योगदान को स्मरण करना आवश्यक है। नागपुर में जन्मे डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज को संगठित और जागरूक बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि देश ने सदियों से अनेक आक्रमणों और चुनौतियों का सामना किया, लेकिन वीरों के बलिदान और संघर्ष से अपनी पहचान बनाए रखी। आज भी आवश्यकता है कि समाज अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करे। उन्होंने चिंता जताई कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उदासीनता बढ़ रही है और बड़ी संख्या में हिंदू लोग मतदान से दूर रहते हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप और गुरु गोविंद सिंह जैसे वीरों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। साथ ही जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट समाज बनाने पर जोर दिया गया। कहा कि राष्ट्र सेवा ही सर्वोपरि है और इसके लिए निरंतर प्रयास, संगठन और जागरूकता जरूरी है।
उत्तरी हरिद्वार के कार्यक्रम में जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान ने वर्ष प्रतिपदा पर संघ शताब्दी वर्ष में प्रारम्भ पंच परिवर्तन के संकल्प को दोहराया। विभिन्न उत्सवों में अध्यक्षता डॉ. के. स्वरूप, डॉ. रोहित सिंघल व ज्ञानेश अग्रवाल ने की।
कार्यक्रमों में सह विभाग प्रचारक ललित शंकर, जिला प्रचारक जगदीप, नगर प्रचारक शुभम, जिला सह कार्यवाह संजय व भूपेंद्र, नगर कार्यवाह डॉ.अनुराग, सह नगर कार्यवाह अभिषेक व बलदेव, शारीरिक प्रमुख उमेश, सह अर्पित, बौद्धिक प्रमुख भूपेंद्र, सह व्यवस्था दीपक, सेवा प्रमुख संजय व अनुराग, प्रचार प्रमुख अमित, सपंर्क प्रमुख सुशील, उप नगर कार्यवाह मनोज, अमित व उज्ज्वल, राहुल, संजीव, मनीष, प्रवीण, डॉ. दिनेश चंद्र शास्त्री, विधायक आदेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, उपाध्यक्ष तरुण, महामंत्री हीरा सिंह आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।
