हरिद्वार। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने चीनी मांझे पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य सफाई निरीक्षकों एवं सुपरवाइजरों के साथ बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था तथा आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि चीनी मांझा केवल दुर्घटनाओं और जनहानि का कारण ही नहीं है, बल्कि शहर में गंदगी का भी एक गंभीर स्रोत बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक एवं नायलॉन से बना चीनी मांझा लंबे समय तक नष्ट नहीं होता है। उपयोग के बाद यह बिजली के खंभों, पेड़ों, नालियों, छतों और सड़कों पर लटककर शहर की सुंदरता और स्वच्छता को प्रभावित करता है। नालियों में फंसकर जल निकासी को भी अवरुद्ध करता है। जिससे गंदगी, दुर्गंध और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। पशु-पक्षी इसमें उलझकर घायल होते हैं और मृत मांझा ठोस अपशिष्ट के रूप में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। नगर आयुक्त ने चीनी मांझे को स्वच्छता और प्लास्टिक प्रदूषण से सीधे तौर पर जुड़ा विषय बताते हुए सैनेटरी इंस्पेक्टरों को इसकी बिक्री, भंडारण एवं उपयोग पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि चीनी मांझे की जब्ती को प्लास्टिक नियंत्रण एवं गंदगी के विरुद्ध चल रही कार्रवाई से जोड़ा जाए। उन्होंने गंदगी फैलाने वालों पर नियमित चालान, प्रतिबंधित प्लास्टिक के विरुद्ध सघन अभियान, सार्वजनिक स्थलों से लटके मांझे की त्वरित सफाई के साथ आमजन को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के मद्देनज़र फील्ड स्तर की तैयारियों की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता, प्लास्टिक नियंत्रण और जनसुरक्षा तीनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत रूप से लागू किया जाना चाहिए।
बैठक में एसएनए ऋषभ उनियाल, मुख्य सैनेटरी निरीक्षक मनोज कुमार, धीरेन्द्र सेमवाल, अर्जुन सिंह, संजय शर्मा, श्रीकांत, विकास छाछर, विकास चौधरी, सुनील मलिक तथा सुरेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।

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