
हरिद्वार। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के संयोजन में श्री बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर हरिद्वार में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के पांचवे दिन की कथा श्रवण कराते हुए कथा व्यास भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि देवराज इंद्र तथा देवताओं के ऊपर जब-जब संकट आया। तब-तब मां भगवती ने रक्षा की। शास्त्री ने बताया कि एक बार देव गुरु बृहस्पति जब स्वर्ग पहुंचे तो देवताओं ने उन्हें देख कर अनदेखा कर दिया। जिस पर देव गुरु बृहस्पति ने देवताओं का त्याग कर दिया और गिरिकंदरा में जाकर तपस्या करने लगे। इंद्र ने गुरु के ना रहने पर त्वष्टा ऋषि के पुत्र विश्वरूप को गुरु बनाया। विश्वरूप ने इंद्र को नारायण कवच का ज्ञान दिया। परंतु विश्वरूप जब यज्ञ करते तो असुरों के लिए भी यज्ञ में आहुति प्रदान कर देते। इंद्र ने यह देख कर विश्वरूप का वध कर दिया। विश्वरूप के पिता त्वष्टा ऋषि को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने किया। यज्ञ द्वारा वृत्तासुर की उत्पत्ति हुई। वृत्तासुर ने ब्रह्मा से वरदान प्राप्त किया कि मेरी मृत्यु किसी से ना हो। तब इंद्र ने भगवान नारायण के कहने पर मां भगवती की तपस्या की। मां भगवती ने प्रसन्न होकर इंद्र को आशीर्वाद दिया। मां भगवती के आशीर्वाद से इंद्र ने वज्र द्वारा वृत्तासुर का वध किया। परंतु इंद्र को ब्रहम हत्या लग गई। ब्रह्म हत्या के निवारण के लिए इंद्र ने नौ दिनों तक देवी भागवत कथा का श्रवण किया और मां भगवती की कृपा से ब्रह्म हत्या से मुक्त हुए। शास्त्री ने बताया नवरात्रि के पावन अवसर पर जो श्रद्धालु भक्त देवी भागवत कथा का पाठ एवं मां भगवती का पूजन करते हैं। मां भगवती उसके समस्त कष्टों और संकटों को दूर कर देती हैं।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने बताया कि अखाड़े की और से विभिन्न अवसरों पर राम कथा, भागवत कथा, शिव महापुराण कथा, देवी भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल को भगवान परशुराम जयंती है। परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में इस वर्ष सभी साथियों के सहयोग से अखाड़े द्वारा 11 मई को भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर के व्यवस्थापक सतीश वन महाराज, लाहू वन महाराज, महंत रवि पुरी, एकता सूरी, विशाल गर्ग, हेमंत काला, पंडित कृष्णा शास्त्री, एमआर वैद्य, रोहित शर्मा, सुमेश चावला, मनोज ठाकुर, संजय शर्मा, कुलदीप शर्मा, सत्यम शर्मा, जलज कौशिक, विष्णु गौड़, यशपाल शर्मा, भरत शर्मा, विवेक मिश्रा, उमेश कुमार, कृष्ण शर्मा, बृजमोहन शर्मा, सुनील प्रजापति, चमन गिरी, सुषमा शर्मा, पूजा वशिष्ठ, संगीता शर्मा, शालू कौशिक, किरण चौधरी, बबीता शर्मा आदि ने पूजन संपन्न किया।