हरिद्वार। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के संयोजन में जिला कारागार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भागवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने महिषासुर मर्दिनी का चरित्र श्रवण कराते हुए बताया कि मायावी दानव महिषासुर ने ब्रह्मा की कठोर तपस्या कर वरदान प्राप्त किया था कि कोई देवता, मनुष्य और दानव उसे मार ना सके। उसकी मृत्यु हो तो किसी स्त्री के हाथों हो। वरदान प्राप्त करने के बाद महिषासुर स्वर्ग लोक में देवताओं को परेशान करने लगा और पृथ्वी पर भी उत्पात मचाने लगा। उसने स्वर्ग पर आक्रमण कर दिया और इंद्र को परास्त कर स्वर्ग पर कब्ज़ा कर लिया तथा सभी देवताओं को भगा दिया। सारे देवताओं ने मिलकर उससे युद्ध किया। लेकिन उसे हरा नहीं पाए। कोई उपाय न मिलने पर देवताओं ने अपने तेज से देवी दुर्गा को उत्पन्न किया। देवी दुर्गा ने महिषासुर पर आक्रमण कर उससे नौ दिनों तक युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध किया। इसी उपलक्ष्य में नवरात्रि पर्व मनाया जाता है। महिषासुर का वध करने के कारण मां भगवती का नाम महिषासुर मर्दिनी पड़ा। कथा के दौरान शास्त्री ने ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का श्रवण भी कराया। जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने बताया कि भागवत कथा श्रवण करने से बंदियों के जीवन में भक्ति एवं ज्ञान का उदय हो रहा है। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि बंदियों के जीवन में परिवर्तन लाने और उनके कल्याण के लिए आगे भी धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, नीलेंद्र गौतम, स्वामी कार्तिक महाराज, कारागार प्रशासन के मुख्य फार्मेसी अधिकारी डॉ.राकेश गैरोला, प्रभारी जेल सोमदेव, डिप्टी जेल प्रमोद दानु, दीन दयाल, सुनील कुमार, मुकुल कम्बोज, सोनिया कौशिक, जलज कौशिक, राधे, यशपाल शर्मा, सत्यम शर्मा, इंद्रपाल शर्मा, संजय शर्मा, पंकज शर्मा, दीपक भारद्वाज, वीके त्रिपाठी, अंकित शर्मा, कपिल शर्मा, अरुणकांत शर्मा, अजय शर्मा, सतीश त्यागी, सुंदर सिंह रावत, नवनीत मोहन, मुकेश कुमार शर्मा, सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल आदि ने भागवत पूजन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *